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Blog ( लेख )

पाठ - 13 'ग्राम श्री' (विषय - हिन्दी काव्य-खण्ड कक्षा- 9) सारांश, भावार्थ एवं प्रश्नोत्तर || Path 5 'Graam Shri'

कक्षा - 9 की विषय - हिन्दी विशिष्ट के काव्य-खण्ड से पाठ - 'ग्राम श्री' का सारांश, भावार्थ एवं महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर।

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पाठ - 12 'कैदी और कोकिला' (विषय- हिन्दी, काव्य- खण्ड कक्षा- 9) सारांश, भावार्थ एवं प्रश्नोत्तर || Path 4 'Kaidi aur Kokila'

कक्षा 9 हिन्दी पद्य खण्ड के पाठ - 4 'कैदी और कोकिला' का सारांश, भावार्थ एवं प्रश्नोत्तर।

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पाठ - 15 'मेघ आए' (विषय - हिन्दी काव्य-खण्ड कक्षा- 9) सारांश, भावार्थ एवं प्रश्नोत्तर || Path 7 'Megh aaye' summary and exercise

कक्षा 9 हिंदी क्षितिज के पाठ 15 'मेघ आए' कविता सर्वेश्वर दयाल सक्सेना द्वारा लिखित है जिसका सारांश और संपूर्ण अभ्यास यहाँ दिया गया है।

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पाठ - 9 'साखियाँ' और 'सबद' - कबीर (विषय- हिन्दी काव्य-खण्ड कक्षा- 9) पदों के अर्थ एवं प्रश्नोत्तर || Path 1 'Sakhiyan' aur 'Sabad'

कक्षा- 9 हिन्दी विशिष्ट के पाठ - 1 'साखियाँ' और 'सबद' (काव्य-खण्ड) के पदों के अर्थ एवं प्रश्नों के सटीक उत्तर।

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'बच्चे काम पर जा रहे हैं' (पाठ - 17 विषय - हिन्दी काव्य-खण्ड कक्षा- 9) सारांश, भावार्थ एवं प्रश्नोत्तर || 9th hindi 'bachche kaam par ja rahe hain'

कक्षा- 9 विषय - हिन्दी काव्य-खण्ड के पाठ 17 'बच्चे काम पर जा रहे हैं' का सारांश, भावार्थ एवं सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर यहाँ दिये गए हैं।

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पाठ - 10 'वाख' (विषय हिन्दी काव्य खण्ड) कक्षा 9 भावार्थ एवं प्रश्नोत्तर || Path 2 'Vakh' Arth and Question Answer

कक्षा 9 की हिन्दी विशिष्ट के पाठ - 2 'वाख' (काव्य खण्ड) के पदों के भावार्थ एवं प्रश्नोत्तर का सटीक विवरण।

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पाठ 1 'पद' 10th हिन्दी (क्षितिज- 2 काव्य-खण्ड, सूरदास- पदों का अर्थ) || पाठ का सारांश एवं सम्पूर्ण अभ्यास (प्रश्नोत्तर) || paath 1 'Pad' Surdas

कक्षा दसवीं विषय हिंदी (क्षितिज- काव्य खंड) के पाठ 1 'पद' जिसकी कवि सूरदास है के पदों के अर्थ एवं संपूर्ण अभ्यास यहां पढे़।

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रचना या बनावट की दृष्टि से शब्दों के प्रकार - रूढ़, यौगिक एवं योगरूढ़ || यौगिक एवं योगरूढ़ में अंतर || Rachna ke aadhar par Rudh, Yougik, Yogrudh

रचना या बनावट की दृष्टि से शब्दों के प्रकार - रूढ़, यौगिक एवं योगरूढ़। यौगिक एवं योगरूढ़ शब्दों में क्या अन्तर है?

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हलन्त का अर्थ, इसके उपयोग एवं प्रयोग के नियम || हलन्तयुक्त एवं हलन्तरहित शब्दों के अर्थ में अंतर || Meaning of Halant and its uses and rules

हिन्दी एवं संस्कृत भाषा में प्रयुक्त एक ऐसा चिन्ह जो वर्णमाला के व्यन्जन वर्णों के नीचे तिरछी रेखा (्) के रूप में लगाया जाता है उसे हलन्त कहते हैं।

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मानक भाषा क्या है || मानक भाषा के तत्व, शैलियाँ एवं विशेषताएँ || मानक हिन्दी भाषा उपयोगिता और महत्व

मानक भाषा से आशय ऐसी भाषा से है जो सभी जगह मान्य हो। इसका प्रयोग करने पर विचारों या भावों को स्पष्टतया आसान ढंग से ग्रहण कर सके।

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मात्रा किसे कहते हैं? हिन्दी स्वरों की मात्राएँ || ऑ ध्वनि, अनुस्वार, अनुनासिक, विसर्ग एवं हलन्त के चिह्न

व्यन्जन के साथ स्वर का मेल होने पर स्वर का जो रूप होता है, उसे मात्रा कहा जाता है। दूसरे शब्दों में स्वर के उच्चारण में लगने वाले समय को मात्रा कहते हैं।

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स्वरों के वर्गीकरण के छः आधार || जिह्वा के व्यवहृत, ओठों, कोमल तालु, स्वरतन्त्रिय, मात्रा काल के आधार पर

हिन्दी वर्णमाला के स्वरों का वर्गीकरण के छः आधारों - जिह्वा के व्यवहृत भाग, ओठों, कोमल तालु, स्वरतन्त्रिय, मात्रा काल के आधार पर किया गया है।

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व्यन्जनों का वर्गीकरण || व्यन्जनों के प्रकार - प्रयत्न, स्थान, स्वरतंत्रीय, प्राणत्व के आधार पर

हिन्दी भाषा में व्यन्जनों का वर्गीकरण प्रयत्न, स्थान, स्वरतन्त्रिय, प्राणत्व के आधार पर किया जाता है।

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अनेकार्थी (अनेकार्थक) शब्द किन्हें कहते हैं? इनके उदाहरण || Anekarthi (Anekarthak) Shabd suchi

ऐसे शब्द जिनके एक से अधिक अर्थ हों तथा वे अलग-अलग भावों या अर्थों के प्रदर्शन हेतु वाक्यों में प्रयुक्त होते हों, उन्हें 'अनेकार्थी' शब्द कहते हैं।

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आगत (विदेशी / विदेशज) शब्द - फारसी, अरबी, तुर्की, पुर्तगाली, अंग्रेजी, चीनी, ग्रीक, जापानी, फ्रेंच, डच, रूसी, स्पेनी शब्द || अपभ्रंश शब्द

दूसरे देशों के अर्थात दूसरे देशों की भाषाओं के ऐसे शब्द जो हिन्दी भाषा में समाहित हो गए हैं और इनका प्रयोग हिन्दी भाषी लोगों के द्वारा अपने दैनिक व्यवहार में प्रयोग किया जाता है, उन्हें विदेशी या विदेशज शब्द कहते हैं।

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हिन्दी वर्णों/अक्षरों के भाग― शिरोरेखा, अर्द्ध पाई, मध्य पाई, अंत पाई, वक्र, मध्यम् रेखा, हलन्त, बिन्दु, मात्रा चिह्न

इस लेख में हिन्दी वर्णों/अक्षरों के भाग― शिरोरेखा, अर्द्ध पाई, मध्य पाई, अंत पाई, वक्र, मध्यम् रेखा, हलन्त, बिन्दु, मात्रा चिह्न के बारे में जानकारी दी गई है।

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पाठ- 7 'मेरे बचपन के दिन' (विषय- हिन्दी कक्षा- 9 गद्य-खण्ड) सारांश एवं प्रश्नोत्तर || Path 6 'Mere Bachpan ke Din'

कक्षा - 9 विषय - हिन्दी गद्य खण्ड से पाठ - 7 'मेरे बचपन के दिन' (लेखिका महादेवी वर्मा) का सारांश एवं सम्पूर्ण अभ्यास यहाँ दिया गया है।

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पाठ 1 'माता का अँचल' (कक्षा 10 हिन्दी सहायक वाचन - कृतिका 2) सारांश, शिवपूजन सहाय || अभ्यास (प्रश्नोत्तर) || Path 1 Mata ka anchal class 10th kritika hindi

कक्षा 10 की हिन्दी सहायक वाचन - कृतिका भाग 2 के पाठ 1 'माता का अँचल' जिसके रचनाकार शिवपूजन सहाय हैं के पाठ का सारांश एवं प्रश्नोत्तर (सम्पूर्ण अभ्यास) यहाँ दिये गए हैं।

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पाठ - 14 'चंद्र गहना से लौटती बेर' (विषय - हिन्दी काव्य-खण्ड कक्षा- 9) सारांश, भावार्थ एवं प्रश्नोत्तर || Path 6 'Chandra Gehna se Loutati Ber'

कवि- केदारनाथ अग्रवाल द्वारा रचित कविता 'चंद्र गहना से लौटती बेर' का भावार्थ, प्रश्नोत्तर एवं रचना अभिव्यक्ति के बारे में जानकारी दी गई है।

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पाठ- 4 'साँवले सपनों की याद' (कक्षा-9 विषय-हिन्दी गद्य-खण्ड) पाठ का सारांश एवं प्रश्नोत्तर || Path 4 'Savle Sapno ki Yad'

पाठ- 4 'साँवले सपनों की याद'― मौत के पंखों पर सवार साँवले सपनों के हुजूम के आगे सालिम है। अब ये जिंदगी से पलायन कर अपनी अंतिम यात्रा पर निकल पड़े हैं। अब उन्हें जगाना सम्भव नहीं है। आदमी की भूल को दूर करने के लिए उन्होंने कहा था कि पक्षियों को आदमी की नजर से देखना उचित नहीं है।

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पाठ - 7 'नेताजी का चश्मा' (Netaji ka Chashma) (क्षितिज - 2 गद्य खण्ड) पाठ व सारांश कक्षा - 10 अभ्यास प्रश्नोत्तर रचना अभिव्यक्ति एवं व्याकरण

इस लेख में पाठ - 7 'नेताजी का चश्मा' (क्षितिज - 2 गद्य खण्ड) पाठ व सारांश कक्षा - 10 अभ्यास प्रश्नोत्तर रचना अभिव्यक्ति एवं व्याकरण की जानकारी दी गई है।

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पाठ 6 'प्रेंमचंद के फटे जूते' (विषय- हिन्दी गद्य-खण्ड कक्षा- 9) पाठ का सारांश एवं प्रश्नोत्तर || Path 5 'Premchand ke Fate Jute'

कक्षा- 9 विषय- हिन्दी गद्य-खण्ड के पाठ पाठ 6 'प्रेंमचंद के फटे जूते' का सारांश एवं सम्पूर्ण अभ्यास प्रश्नोत्तर दिये गये हैं।

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पाठ - 16 'यमराज की दिशा' (विषय - हिन्दी काव्य-खण्ड कक्षा- 9) सारांश, भावार्थ एवं प्रश्नोत्तर || Path 8 'Yamraj Ki Disha'

कक्षा- 9 विषय - हिन्दी काव्य-खण्ड के पाठ - 16 'यमराज की दिशा' का सारांश, भावार्थ एवं प्रश्नोत्तर यहाँ दिये गए हैं।

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पाठ 1 पद (हम तौ एक एक करि जांनां) कबीरदास आरोह भाग 1 काव्य खंड (11th हिन्दी) || पाठ का सारांश एवं संपूर्ण अभ्यास (प्रश्न उत्तर)

इस अंश में कक्षा 11 आरोह भाग 1 काव्य खंड (विषय हिन्दी) के पाठ 1 पद (हम तौ एक एक करि जांनां) कबीरदास का सारांश एवं संपूर्ण अभ्यास (प्रश्न उत्तर) यहाँ दिये गए हैं।

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समोच्चारित (समान उच्चारण वाले) / श्रुतिसम भिन्नार्थक या समरूप भिन्नार्थक शब्द एवं शब्दसूची || Samocharit Shrutisam Bhinnarthak Shabd

समोच्चरित या श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द उन शब्दों को कहते हैं, जिनका उच्चारण सामान्यतः सुनने में एक समान प्रतीत होता है किन्तु उनके अर्थ में प्रायः भिन्नता पाई जाती है।

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पाठ 9 लखनवी अंदाज हिन्दी कक्षा 10 गद्यांशों की सप्रसंग व्याख्या एवं सम्पूर्ण अभ्यास प्रश्नोत्तर || Path 9 Lakhanavi Andaj Prashnottar

इस भाग में हिन्दी कक्षा 10 के पाठ 9 लखनवी अंदाज पाठ के गद्यांशों की सप्रसंग व्याख्या एवं सम्पूर्ण अभ्यास प्रश्नोत्तर की जानकारी दी गई है।

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भारत में लिपि का विकास || देवनागरी लिपि एवं इसका नामकरण || भारतीय लिपियाँ- सिन्धु घाटी लिपि, ब्राह्मी लिपि, खरोष्ठी लिपि

विद्वानों के मतानुसार भारत में लेखन कला का विकास ईसा पूर्व चौथी शताब्दी में हुआ। ध्वनि मूलक लिपि 'लिपि-विकास' की चरम परिणति मानी जा सकती है।

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हिन्दी शब्दों का वर्गीकरण (हिन्दी शब्दों के विभिन्न प्रकार) || Classification of Hindi words (Different types of Hindi words)

भाषा शब्दों पर आधारित होती है। हिन्दी भाषा में शब्द अलग-अलग स्रोतों से आए हैं। इन्हीं स्रोतों या निर्माण के आधार पर शब्दों का वर्गीकरण किया गया है।

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भाषा के विभिन्न रूप - बोली, भाषा, विभाषा, उप-भाषा, मानक भाषा एवं भाषा के अन्य रूप || Bhasha ke Rup

मानव भाषा के विभिन्न रूपों - बोली, भाषा, विभाषा, उप-भाषा, मानक भाषा आदि के अलावा भाषा के अन्य रूपों का प्रयोग करता है।

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समूहवाची (समूह बताने वाले) शब्द क्या होते हैं? || समूहवाची शब्दों की आवश्यकता एवं महत्व || Samuhwachi Shabdo ki suchi

इस लेख में समूहवाची (समूह बताने वाले) शब्द क्या होते हैं?, समूहवाची शब्दों की आवश्यकता एवं महत्व के बारे में जानकारी दी गई है।

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पाठ - 3 'उपभोक्तावाद की संस्कृति' (विषय हिन्दी गद्य-खण्ड कक्षा - 9) सारांश, प्रश्नोत्तर (अभ्यास) || Path 3 Upbhoktavad ki Sanskriti

कक्षा 9वी हिन्दी विशिष्ट के पाठ 3 'उपभोक्तावाद की संस्कृति' का सारांश प्रश्नोत्तर समझाएं गए हैं।

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वाचक / वाच्यार्थक / अभिधार्थ, लाक्षणिक / लक्षक / लक्ष्यार्थ, व्यन्जक / व्यंग्यार्थं शब्द - (शब्द-शक्ति के आधार पर) || Vachak, Lakshanik, Vyanjak Shabd

शब्द-शक्ति के आधार पर शब्दों के प्रकार - वाचक (वाच्यार्थक / अभिधार्थ), लाक्षणिक (लक्षक / लक्ष्यार्थ), व्यन्जक (व्यंग्यार्थ)।

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पाठ 8 बालगोबिन भगत कक्षा- 10 विषय- हिंदी (क्षितिज भाग 2 गद्य खंड) पाठ का सारांश, प्रमुख गद्यांश, प्रश्नोत्तर, रचना अभिव्यक्ति || Path 8 Balgivin Bhagat

इस लेख में पाठ 8 बालगोबिन भगत कक्षा- 10 विषय- हिंदी (क्षितिज भाग 2 गद्य खंड) पाठ का सारांश, प्रमुख गद्यांश, प्रश्नोत्तर के साथ-साथ रचना अभिव्यक्ति के बारे में जानकारी दी गई है।

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पूर्ण एवं अपूर्ण पर्याय शब्द एवं इनके उदाहरण || Purn ans Apurn synonyms and their examples

एक ही अर्थ को प्रकट करने के लिए प्रयुक्त होने वाले अलग अलग शब्दों को पर्यायवाची शब्द कहा जाता है। पर्यायवाची शब्दों की दो कोटियाँ हो सकती हैं।

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ध्वनि उच्चारण में 'प्रत्यन' क्या है? || प्रयत्नों की संख्या || 'प्रयत्न' के आधार पर हिन्दी व्यन्जन के भेद

वर्णों या ध्वनियों के उच्चारण में जो प्रयास या रीति का प्रयोग किया जाता है, उसे 'प्रयत्न' कहते हैं।

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वर्ण संयोग - व्यन्जन वर्ण से व्यन्जन के संयोग के नियम || 'र' वर्ण के संयोग नियम || वर्ण-विच्छेद

व्यन्जन तथा व्यन्जन के मेल से जब संयुक्त ध्वनियाँ बनती हैं तो उसे व्यन्जन तथा व्यन्जन का संयोग कहा जाता है।

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पाठ 1 नमक का दारोगा (प्रेमचंद) 11th हिंदी (आरोह भाग 1 गद्य खंड) || पाठ एवं पाठ का सारांश एवं संपूर्ण अभ्यास (प्रश्न उत्तर)

इस भाग में कक्षा 11 हिन्दी आरोह भाग 1 (गद्य खंड) | के पाठ 1 'नमक का दारोगा' का सम्पूर्ण पाठ एवं पाठ का सारांश एवं संपूर्ण अभ्यास (प्रश्न उत्तर) दिया गया है।

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पाठ 1 दो बैलों की कथा - प्रेमचंद कक्षा 9 (क्षितिज भाग 1) पाठ का सारांश संपूर्ण एवं अभ्यास प्रश्न

प्रेमचंद की यह कथा पशुओं की संवेदना, आत्मसम्मान, निष्ठा और अन्याय के विरुद्ध विद्रोह को दर्शाती एक मार्मिक कथा, जो मानवीय मूल्यों और पशु-मानव संबंधों की गहराई को उजागर करती है। इस पाठ से संबंधित परीक्षा उपयोगी प्रश्न उत्तर भी दिए गए हैं

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शब्द तथा पद क्या है? इसकी परिभाषा एवं विशेषताएँ || 'शब्द' का महत्त्व || What is 'Shabd' and 'Pad'?

भाषा की वह मौलिक अथवा लघुतम इकाई जो एक या एक से अधिक अक्षरों (वर्णों) के योग से निर्मित हो और उसके स्वतन्त्र रुप से या वाक्य में प्रयुक्त होने के पर एक निश्चित अर्थ प्रदान कर रहा हो शब्द कहलाता है।

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सम्मानसूचक या आदरसूचक शब्द – ईश्वर, देवी-देवता, स्त्री-पुरूष, लड़का-लड़की एवं विधवा-तलाकशुदा के लिए | इनका प्रयोग कहाँ एवं कैसे होना चाहिए?

इस लेख में सम्मानसूचक या आदरसूचक शब्द – ईश्वर, देवी-देवता, स्त्री-पुरूष, लड़का-लड़की एवं विधवा-तलाकशुदा के लिए कहाँ एवं कैसे इनका प्रयोग होना चाहिए इस बारे में जानकारी दी गई है।

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तद्भव शब्द - अर्थ, अवधारणा एवं उदाहरण || Tatbhav Shabd ka arth, paribhasha and examples

सामान्यतः संस्कृत भाषा के ऐसे शब्द जिनमें मात्रा, वर्ण में आंशिक परिवर्तन होकर एक सरल रूप में हिन्दी में प्रयुक्त होते हैं तो ऐसे शब्दों को तद्भव शब्द कहा जाता है।

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वाणी - यन्त्र (मुख के अवयव) के प्रकार || ध्वनि यन्त्र (वाक्-यन्त्र) के मुख में स्थान

मानव मुख के अवयवों अर्थात मुखांगों का वर्णन किया गया है जो कि विभिन्न प्रकार की ध्वनियों के उच्चारण में सहायक होते हैं।

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पारिभाषिक, अर्द्धपारिभाषिक, सामान्य शब्द - प्रयोग के आधार पर शब्दों के प्रकार || Paribhashik, Arddh paribhashik, Simple words

प्रयोग के आधार पर शब्दों को तीन वर्गों में बँट जाते हैं। 1. पारिभाषिक शब्द 2. अर्द्धपारिभाषिक शब्द 3. सामान्य शब्द।

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पाठ 1 – आत्मपरिचय, एक गीत (कविताएँ - हरिवंश राय बच्चन) कक्षा 12th हिन्दी (आरोह भाग 2 काव्य खंड) | कविताओं का भावार्थ एवं संपूर्ण अभ्यास (प्रश्न उत्तर)

इस भाग में कक्षा 12th हिन्दी (आरोह भाग 2 काव्य खंड) | पाठ 1 – आत्मपरिचय, एक गीत (कविताएँ - हरिवंश राय बच्चन) एवं कविताओं का भावार्थ एवं संपूर्ण अभ्यास (प्रश्न उत्तर) की जानकारी दी गई है।

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भाषा शब्द की उत्पत्ति || भाषा के स्वरूप - मौखिक, लिखित एवं सांकेतिक

संस्कृत हिन्दी भाषा की जननी है अर्थात हिन्दी भाषा की उत्पत्ति संस्कृत से उत्पन्न हुई है। शब्द 'भाषा' संस्कृत के 'भाष' धातु से बना हुआ है।

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हिन्दी भाषा में बिन्दु (Point /Dat) का प्रयोग 14 स्थानों पर होता है | इन बिन्दुओं को क्या कहा जाता है?

इस लेख में हिंदी भाषा में बिंदी/बिन्दु का प्रयोग किन-किन स्थानों पर किया जाता है और इन्हें किन नाम से जाना जाता है इस संबंध में महत्व जानकारी प्रदान की गई है।

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विलोम शब्दों की रचना (विलोम बनने के नियम) व शब्द सूची || विलोम शब्दों के अन्य नाम― विरुद्धार्थी, विपर्याय, विपरीतार्थक, विपरीतार्थी, उल्टे अर्थ वाले शब्द

विलोम शब्दों की रचना कैसे होती है? विलोम बनाने के नियम कौनसे हैं ? विलोम शब्दों के अन्य नाम― विरुद्धार्थी, विपर्याय, विपरीतार्थक, विपरीतार्थी, उल्टे अर्थ वाले शब्द हैं।

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एकार्थी (एकार्थक) शब्द - एक ही अर्थ के लिए प्रयुक्त शब्दों के अर्थों में सूक्ष्म अन्तर || Ekarthi (Ekarthak) shabd - अर्थ के आधार पर

नाम से स्पष्ट है - एक अर्थ वाला। यदि हम शब्द एकार्थी का विच्छेद करें तो एक+अर्थी अर्थात एक अर्थ प्रदान करने वाला होगा।

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पाठ 2 पतंग (आलोक धन्वा) 12th हिंदी (आरोह भाग 2 काव्य खंड) | कविता का भावार्थ व सारांश एवं संपूर्ण अभ्यास (प्रश्न उत्तर)

इस अंश में पाठ 2 'पतंग' (आलोक धन्वा) 12th हिंदी (आरोह भाग 2 काव्य खंड) की इस कविता का भावार्थ व सारांश एवं संपूर्ण अभ्यास संपूर्ण प्रश्न उत्तर सहित दिया गया है।

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हिन्दू (हिन्दु) शब्द का अर्थ एवं हिन्दी शब्द की उत्पत्ति || Meaning of the word Hindu and the origin of the word Hindi

परम्परावादी संस्कृत विद्वान 'हिन्दु' शब्द का अर्थ इस शब्द को तोड़कर करते हैं। हिन्दु = हिन् + दु। यहाँ पर 'हिन्' का अर्थ है 'नष्ट करना' एवं 'दु' का अर्थ है।

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समानार्थी या समानार्थक शब्द किसे कहते हैं? इसकी परिभाषा और विशेषताएँ || समानार्थी और पर्यायवाची में अंतर || समानार्थी शब्दों की सूची

समानार्थी या समानार्थक शब्द किसे कहते हैं? समानार्थी शब्दों की विशेषताएँ, परिभाषा एवं शब्द सूची । समानार्थी और पर्यायवाची में क्या अंतर है?

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हिन्दी भाषा में स्वर और व्यन्जन || स्वर एवं व्यन्जनों के प्रकार, इनकी संख्या एवं इनमें अन्तर

मानव की भाषायी ध्वनियों को लिखित रूप में व्यक्त करने के लिए जिन चिह्नों (प्रतीकों) का प्रयोग किया जाता है उन ध्वनि चिह्नों को 'वर्ण' कहते हैं।

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पाठ-5 नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया — चपला देवी || Class 9th Hindi क्षितिज के अभ्यास व प्रश्नोत्तर

नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया — चपला देवी- यह रचना 'हिन्दू पंच' पत्रिका के बलिदान अंक से संकलित की गई है। सन् 1857 के विद्रोह में धन्धूपंत नाना साहब कानपुर में असफल होकर भागे तो अपनी पुत्री देवी मैना को बिदूर महल में अकेला छोड़कर चले गए।

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  • BY:RF Temre (18)
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व्याकरण क्या है? अर्थ एवं परिभाषा || व्याकरण के लाभ || व्याकरण के विभाग

भाषा के बोलने, लिखने और पढ़ने में जिन नियमों-विनियमों का पालन किया जाता है, उन नियमों-विनियमों का अध्ययन ही व्याकरण है।

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तत्सम शब्द का शाब्दिक अर्थ, अवधारणा और इतिहास || Tatsam Shabd Meaning and Examples

संस्कृत में प्रयुक्त रूप के समान जब कोई शब्द अविकृत रूप (बिना बदलाव के) ज्यों का त्यों रूप हिन्दी में प्रयुक्त होता है तब वह 'तत्सम्' कहा जाता है।

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  • BY:RF Temre (63)
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अनेक शब्दों के लिए एक शब्द (समग्र शब्द) क्या होते हैं? उपयोगिता, आवश्यकता एवं महत्व || समग्र शब्दों की सूची

इस लेख में अनेक शब्दों के लिए एक शब्द (समग्र शब्द) क्या होते हैं? उपयोगिता, आवश्यकता एवं महत्व एवं समग्र शब्दों की सूची दी गई है।

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भाषा का आदि इतिहास || भाषा उत्पत्ति एवं इसका आरंभिक स्वरूप

ब्रह्माण्ड में हमारे सौरमण्डल की उत्पत्ति एवं पृथ्वी के अस्तित्व में आने के पश्चात धीरे-धीरे जीवों का आविर्भाव हुआ। धरती पर जीवों की वंश-वृद्धि

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संख्यावाचक शब्द क्या होते हैं? इनका भाषा पर प्रभाव || संख्यावाची शब्दों की सूची || Sankhyavachak Shabdo ki SUCHI

इस लेख में संख्यावाचक शब्द क्या होते हैं? इनका भाषा पर प्रभाव तथा संख्यावाची शब्दों की सूची की जानकारी दी गई है।

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पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं? पर्यायवाची शब्दों की सूची || What are synonyms? list of Paryayavachi

अर्थ के दृष्टिकोण से समानता रखने वाले शब्दों को पर्यायवाची शब्द कहा जाता है। पर्यायवाची शब्द एक ही अर्थ के द्योतक होते हैं। समान अर्थ वाले शब्दों से आशय बदले में आने वाले शब्द अर्थात पर्याय है।

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विश्व की प्रारंभिक लिपियाँ || भारत की प्राचीन लिपियाँ || देवनागरी लिपि के वैज्ञानिक आधार

मानव सभ्यता के विकास के साथ-साथ लिपियों का भी विकास हुआ। यहाँ विश्व की प्रारम्भिक लिपियों के साथ-साथ भारत की प्राचीन लिपियों का अध्ययन आवश्यक है।

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विशेषार्थक (विशेष अर्थ बोधक) शब्द | विशेषार्थक शब्दों के उदाहरण | Vishesharthak Shabd

इस लेख में हिंदी भाषा शब्द ज्ञान के अंतर्गत विशेषार्थक शब्द क्या होते हैं उदाहरण सहित जानकारी प्रदान की गई है।

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हिन्दी का सामान्य, व्यवहारिक, साहित्यिक, ऐतिहासिक एवं भाषा-शास्त्रीय अर्थ || Hindi ke vibhinna arth

हिन्दी भाषा के समृद्ध इतिहास को देखते हुए हिन्दी का सामान्य, व्यवहारिक, साहित्यिक, ऐतिहासिक एवं भाषा-शास्त्रीय अर्थ क्या है? पढ़िए।

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समानार्थी शब्दों में अर्थभेद || शब्द प्रयोग के आधार पर अर्थ में अंतर || समानार्थी (पर्यायवाची) की अर्थभेद सूची

समानार्थी या पर्यायवाची शब्दों में उनके अर्थ की दृष्टि से कई बार सूक्ष्म अंतर देखने को मिलते हैं। इसी सूक्ष्म अंतर को विभिन्न अवधारणा के माध्यम से यहाँ देखें।

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व्याकरण का प्रारम्भ || आदि व्याकरण - व्याकरणाचार्य पणिनि || हिन्दी व्याकरण

आदिकाल से ही व्याकरण का अस्तित्व रहा है। ऐसा किवदंती है कि वेदों की रचना के पश्चात समस्त देव-गणों की प्रार्थना पर इन्द्रदेव के द्वारा व्याकरण की रचना की गई थी, जिसका नाम 'शेष' था।

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बहादुर शाह ज़फ़र की कविता में गुलामी, असहायता और टूटे हुए सपनों का मर्मस्पर्शी चित्रण | कक्षा 12 हिन्दी (आरोह भाग 2 काव्य - खण्ड)

1857 की क्रांति की विफलता के बाद निर्वासित ज़फ़र की यह रचना भारत की गुलामी, व्यक्तिगत पीड़ा और ऐतिहासिक यथार्थ को दर्शाती है।

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